90 करोड़ से ज्यादा बढ़ सकता है बोर्ड परीक्षा का खर्च, 11 हजार सेंटर्स की भी पड़ेगी जरूरत, अतिरिक्त शिक्षकों की होगी आवश्यक

  • राजस्थान बोर्ड सोशल डिस्टेंसिंग के कारण दोगुनी होगी परीक्षा केंद्रों की संख्या

दैनिक भास्कर

May 01, 2020, 10:33 AM IST

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की की परीक्षाओं में बोर्ड को इस साल 90 करोड़ रुपए से अधिक का खर्चा करना होगा। अभी परीक्षाओं की तारीखों की घोषणा नहीं हुई है। इस बीच, बोर्ड ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से परीक्षाओं से संबंधित सुझाव मांगे हैं। बोर्ड को मिली सूचना के अनुसार रेड जोन में आने वाले जिलों में ही आधे से अधिक केंद्र कर्फ्यू वाले क्षेत्रों में हैं। दूसरी ओर, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए अब बोर्ड को दोगुने से अधिक केंद्रों की आश्यकता होगी। वर्तमान में 5600 केंद्र हैं। यह संख्या 11 हजार तक बढ़ सकती है। केंद्रों की संख्या बढ़ने के कारण परीक्षा करवाने के लिए 25 हजार अधिक शिक्षकों की जरूरत भी पड़ेगी। बोर्ड को नए परीक्षा केंद्रों का खर्चा अतिरिक्त रूप से वहन करना होगा। यह राशि भी लाखों में होगी। इसके अलावा बोर्ड को इन केंद्रों पर लगने वाले परीक्षकों, सेंटर सुप्रिटेंडेंट आदि का खर्चा भी वहन करना होगा। परिवहन का खर्चा भी अधिक हो सकता है।

कोरोना के हॉट स्पॉट क्षेत्रों के कारण बढ़ेगी दिक्कत

यदि हॉट स्पॉट क्षेत्र के स्कूलों को छोड़कर अन्य स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए जाते हैं तो हॉट स्पॉट में रहने वाले स्टूडेंट्स व टीचर बाहर बनाए गए केंद्रों तक बिना स्वीकृति नहीं पहुंच पाएंगे। जयपुर, जोधपुर, कोटा और अजमेर में अधिक हॉट स्पॉट हैं। हॉट स्पॉट से बाहर निकलने वाले लोगों के कारण संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाएगा। वर्तमान में प्रदेश भर में अधिकांश शिक्षक क्वारेंटाइन सेंटरों पर निगरानी, बीएलओ और अन्य कामों में लगे हैं।

अलग-अलग चरणों में परीक्षा संभव

बोर्ड सभी परीक्षाओं को एक साथ नहीं करवाकर चरणबद्ध तरीके से भी करवा सकता है। 12वीं विज्ञान वर्ग के छात्रों के गणित और आईटी के पेपर आयोजित किए जा सकते हैं। 12वीं विज्ञान में अतिरिक्त परीक्षा केंद्रों की जरूरत नहीं होगी। गणित का पेपर भी बाकी है। स्कूल ऑडिटोरियम, लाइब्रेरी, खेल का मैदान (शामियाने व कनात लगाकर) और गैलरी में भी परीक्षा का आयोजन संभव है।

कोचिंग छात्रों पर भी होगा असर

जयपुर, कोटा और सीकर सहित प्रदेश के अन्य शहरों में बाहर से कोचिंग करने के लिए आए छात्र अपने-अपने प्रदेश लौट चुके हैं। 10वीं व 12वीं के अधिकांश छात्र सीबीएसई व राजस्थान बोर्ड से ताल्लुक रखते हैं। इन छात्रों के परीक्षा केंद्र राजस्थान में हैं। अब अगर बोर्ड मई में ही एग्जाम्स करवाता है तो इन छात्रों को फिर से प्रदेश में लौटना होगा।

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