9वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स के लिए बनाया साइबर सेफ्टी मैनुअल, साइबर पीस फाउंडेशन के सहयोग से तैयार हुआ मैनुअल

  • मैनुअल का मकसद बच्चों के अंदर सेफ और हेल्थी ऑनलाइन आदतों को विकसित करना है
  • ऑनलाइन लर्निग के दौर में साइबर सेफ्टी मैनुअल स्टूडेंट्स के लिए काफी मददगार साबित होगा

दैनिक भास्कर

May 22, 2020, 10:30 AM IST

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने 9वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स की ऑनलाइन सुरक्षा, उनके डिजिटल अधिकारों और स्वतंत्रता के हनन जैसी समस्याओं के मद्देनजर साइबर सेफ्टी मैनुअल जारी किया है। इसका मकसद बच्चों के अंदर सेफ और हेल्थी ऑनलाइन आदतों को विकसित करना है।  मौजूदा दौर में बच्चों की डिजिटल दुनिया में पहुंच काफी बढ़ गई है और संक्रमण के कारण लागू लॉकडाउन में ऑनलाइन कक्षाएं और स्टडी एक्टिविटी कराई जा रही हैं। ऐसे में समय में सीबीएसई की तरफ से जारी किया गया यह साइबर सेफ्टी मैनुअल स्टूडेंट्स के लिए काफी मददगार साबित होगा। 

सुरक्षा संबंधी कई विषय शामिल

बोर्ड ने इस मैनुअल में ऑनलाइन धमकी, इमोशनल टॉर्चर,  सामाजिक बहिष्कार, धमकाना, ऑनलाइन यौन उत्पीड़न, साइबर कट्टरपंथ, धोखाधड़ी जैसे मामलों से सुरक्षा संबंधी विषय शामिल हैं। इसमें डिजिटल नागरिकता के आयामों का जिक्र किया गया है, जिसमें डिजिटल एक्सेस , साक्षरता, संवाद, आचार , स्वास्थ्य ,अधिकार , स्वतंत्रता, डिजिटल लॉ आदि शामिल है। इसे साइबर पीस फाउंडेशन के सहयोग से तैयार किया गया है और इसमें छात्रों के लिए नॉलेज बेस्ड कई एक्टिविटीज भी सुझायी गई हैं।  

साइबर खतरों के मद्देनजर बनाया मैनुअल

इस बारे में सीबीएसई ने कहा कि अक्सर युवा अलग-अलग तरह की टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को लेकर आश्वस्त होते हैं और जानकारी आदि लेने के लिए इंटरनेट की मदद लेते हैं। लेकिन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को लेकर ऐसा भरोसा कई बार गुमराह करने वाला हो सकता है। ‘ सीबीएसई ने यह भी कहा कि बच्चों को कई बार यह भी समझ नहीं आता है कि कुछ भी सर्च करने के लिए सर्च इंजन का इस्तेमाल किस तरह किया जाए। उन्हें इससे जुड़े खतरों का कुछ पता नहीं होता, ऐसे में वो साइबर खतरों को बुलावा दे सकते हैं।

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