10वीं-12वीं की परीक्षाओं पर सुप्रीम कोर्ट आज दोपहर 2 बजे बाद फैसला सुना सकता है, जेईई-नीट की भी तस्वीर साफ हो सकती है

  • सीबीएसई ने 18 मार्च को 12वीं की एग्जाम टाल दी थी, अब इसके 12 पेपर 1 से 15 जुलाई के बीच होने हैं
  • उत्तर-पूर्वी दिल्ली में ही सीबीएसई 10वीं के 6 पेपर होना बाकी हैं, इस तरह कुल 29 सब्जेक्ट के पेपर बाकी हैं

दैनिक भास्कर

Jun 25, 2020, 01:23 PM IST

सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की बची हुई एग्जाम कराने के मुद्दे पर आज दोपहर 2 बजे के बाद सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ सकता है। इससे पहले सोमवार को हुई सुनवाई में सीबीएसई और केंद्र सरकार ने कहा था कि एक एक्सपर्ट बॉडी जल्द ही इस पर फैसला करने वाली है। 

29 सब्जेक्ट्स की एग्जाम नहीं हो पाई थीं
अभी तक के शेड्यूल के मुताबिक, 12वीं की एग्जाम 1 से 15 जुलाई के बीच होनी है। देशभर में इसके 12 सब्जेक्ट के पेपर बचे हैं। वहीं, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में इन 12 के अलावा 11 और मेन सब्जेक्ट के पेपर बाकी हैं। 18 मार्च को ये परीक्षाएं टाल दी गई थीं।

वहीं, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में ही सीबीएसई 10वीं के 6 पेपर होना बाकी हैं। इस तरह 10वीं और 12वीं के 10 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स को कुल 29 सब्जेक्ट की एग्जाम देनी है।

अगर कोरोना नहीं होता तो ये परीक्षाएं देशभर में 3 हजार सेंटरों पर हो जाती, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग की वजह से सीबीएसई को बचे हुए पेपर कराने के लिए 15 हजार सेंटरों की जरूरत होगी। 

पैरेंट्स की पिटीशन- परीक्षाएं रद्द होनी चाहिए 
10वीं और 12वीं की परीक्षा देने वाले बच्चों के पैरेंट्स ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर की थी। इसमें मांग की गई कि बोर्ड को एग्जाम्स रद्द कर देना चाहिए। इसमें यह दलील दी गई कि सीबीएसई विदेशों में मौजूद 250 स्कूलों की परीक्षाएं रद्द कराने का फैसला पहले ही ले चुका है। पिटीशन में यह भी उदाहरण दिया गया कि कर्नाटक में परीक्षाओं के दौरान एक बच्चे के पिता कोरोना पॉजिटिव पाए गए और 24 स्टूडेंट्स को क्वारैंटाइन होना पड़ा।

तीन राज्य अभी परीक्षाएं नहीं कराना चाहते
सुप्रीम कोर्ट में दायर पिटीशन के अलावा महाराष्ट्र, दिल्ली और ओडिशा सरकार ने पिछले दिनों मानव संसाधन विकास मंत्रालय को चिट्‌ठी लिखकर कहा था कि परीक्षाएं रद्द कर देनी चाहिए। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा था कि दिल्ली में परीक्षाएं कराने के लिए स्कूलों में अभी जगह नहीं है। 

आल्टरनेटिव मैथड का विकल्प
अगर परीक्षाएं रद्द की जाती हैं तो स्टूडेंट्स को स्पेशल मार्किंग स्कीम के आधार पर पास किया जा सकता है। अपने प्रदर्शन में सुधार के लिए स्टूडेंट्स बाद में इन परीक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इन 3 एग्जाम्स की तस्वीर साफ होगी

  • जेईई मेन – 18 जुलाई से 23 जुलाई। इसी एग्जाम के बेस पर स्टूडेंट्स जेईई एडवांस्ड के लिए क्वालिफाई होते हैं। जेईई मेन के जरिए एनआईटी, सरकारी और प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन मिलता है। इसमें 9 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स शामिल होते हैं।
  • नीट – 26 जुलाई। इसके जरिए सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस में एडमिशन मिलता है।
  • जेईई (एडवांस्ड) – 23 अगस्त। सिर्फ 2.5 लाख स्टूडेंट्स जेईई मेन के बाद एडवांस्ड के लिए क्वालिफाई कर पाते हैं। इसके जरिए 23 आईआईटी में एडमिशन मिलता है।

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