10वीं के बाकी पेपर नहीं होंगे, मार्कशीट में इनके आगे पास लिखा होगा, 12वीं के पेपर 8 से 16 जून के बीच

  • लॉकडाउन की अवधि तक सिर्फ ट्यूशन फीस ले सकेंगे राज्य के प्राइवेट स्कूल
  • पेपर देने से पहले और बाद में सभी स्टूडेंट्स को सैनिटाइज किया जाएगा

दैनिक भास्कर

May 17, 2020, 10:42 AM IST

मार्च से लागू लॉकडाउन के बीच मध्य प्रदेश 10वीं-12वीं बोर्ड के स्टूडेंट्स को बाकी बचे पेपर की चिंता सता रही है। परीक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं की परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला किया है। एमपी बोर्ड के 10वीं के बचे हुए पेपर की परीक्षा अब नहीं होगी। 10वीं के जो पेपर हो गए, उनके अंक के आधार पर रिजल्ट तैयार होगा और जो पेपर नहीं हुए हैं उनके आगे अब पास लिखा जाएगा। वहीं, 12वीं की बाकी बची परीक्षाएं 8 जून से 16 जून के बीच होगी। यह जानकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी है।

स्टूडेंट्स को दो बार किया जाएगा सैनिटाइज

कोरोनावायरस के दौर में परीक्षाओं में न केवल सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा, बल्कि बदले हुए हालात में सुरक्षा के लिहाज से परीक्षा केंद्रों में भी बदलाव करना होंगे। जानकारी के मुताबिक, परीक्षा केंद्रों पर स्टूडेंट्स को स्क्रीनिंग के बाद ही एंट्री दी जाएगी। पेपर देने से पहले सभी को सैनिटाइज किया जाएगा। इसके अलावा पेपर देने के बाद भी स्टूडेंट्स को सैनिटाइज किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर सैनिटाइजर के साथ ही हाथ धोने के लिए अलग-अलग साबुन की व्यवस्था की जाएगी। 

सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बढ़ाने पड़ेंगे परीक्षा केंद्र

परीक्षा में इस बार सबसे महत्वपूर्ण होगा सोशल डिस्टेंसिंग। इसके अनुसार ही परीक्षा केंद्रों पर छात्र-छात्राओं को बैठाने की व्यवस्था की जाएगी। अब तक परीक्षा के लिए एक कमरे में 30 स्टूडेंट्स बैठ रहे थे। लेकिन, अब बदले हुए हालात के मद्देनजर 8 से 10 विद्यार्थियों को ही एक कमरे में बैठाकर परीक्षा ली जा सकेगी। इसके चलते परीक्षा केंद्रों की संख्या भी दो गुना तक बढ़ाने की तैयारी करनी होगी। बोर्ड को मास्क की व्यवस्था भी करनी पड़ सकती है। 

21 मार्च से स्थगित परीक्षा

इसके साथ ही प्रदेश में लॉकडाउन शुरू होने की तिथि से लेकर लॉकडाउन खत्म होने तक की अवधि तक कोई भी निजी विद्यालय विद्यार्थियों से सिर्फ ट्यूशन फीस ले सकेगा, इसके अतिरिक्त कोई भी अन्य फीस नहीं ली जाएगी। इस साल 10वीं- 12वीं की परीक्षाएं 02 और 03 मार्च से शुरू हुई थी, जो 19 मार्च तक ही जारी रहीं। संक्रमण के प्रसार के कारण राज्य में 21 मार्च से परीक्षाएं स्थगित कर दी थीं। इस बार परीक्षा में 10वीं के 33 हजार 805 और 12वीं में 23 हजार 419 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे।

Leave a Comment

Your email address will not be published.

Scroll to Top