लॉकडाउन के चलते बढ़ी ई-बुक की मांग, लोगों के मुताबिक संक्रमण के कारण ई-बुक्स पढ़ना इस समय सबसे सेफ

दैनिक भास्कर

Apr 21, 2020, 09:45 AM IST

कोरोना वासरस के डर ने बाजार में अचानक ई-बुक्स की मांग बढ़ा दी है। लोग घरों में अपने मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट के सहारे इन किताबों को आसानी से डाउनलोड कर रहे हैं। कुछ किताबें फ्री में डाउनलोड हो रही हैं तो कुछ ई-बुक्स उन्हें खरीदना पड़ रही हैं। इस मांग के पीछे सबसे बड़ी वजह कोरोना संक्रमण को माना जा रहा है। लोगों का मानना है कि ई-बुक्स पढ़ना इस समय सबसे सेफ है। लॉकडाउन के कारण डाक सेवा बाधित है। बाजार से ली गई बुक वायरस फ्री होगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है। नेट पर सारी चीजें उपलब्ध हैं। ई-बुक किताब से सस्ती पड़ती हैं और सुरक्षित हैं।

अतिरिक्त डाटा दे रहा बढ़ावा

लॉकडाउन के समय दूर संचार कंपनियां मददगार बनी हुई हैं। ज्यादातर कंपनियों ने इन दिनों नेट के स्पेशल रीचार्ज लॉन्च किए हैं। इससे वे कम दाम में ज्यादा से ज्यादा नेट का उपयोग कर सकते हैं। कई कंपनियों ने तो अपने पूर्व के प्लान में डबल डाटा देना शुरू कर दिया है। इस कारण लोग अपनी पसंदीदा ई-बुक्स धड़ल्ले से डाउनलोड कर रहे हैं।

ई-बुक्स सुरक्षित

संक्रमण से बचने के लिए लोग अब ई-बुक का उपयोग कर रहे हैं। वैसे भी इस समय डाक व्यवस्था बंद है। ई-बुक आसान है और सस्ते दामों पर उपलब्ध हो जाती है। इससे संक्रमण का कोई खतरा नहीं है। यह जल्द उपलब्ध हो जाती है। इस कारण लोगों का रुझान इस ओर बढ़ रहा है। -शशांक बंसल, बुक विक्रेता, एमपी नगर जोन-2 

ये सस्ती पड़ती हैं

दूर संचार कंपनियों ने लोगों के लिए स्पेशल नेट प्लान लॉन्च किए हैं। साथ ही अब पुराने प्लान पर भी डबल डाटा मिल रहा है। मैंने बीते 20 दिनों में करीब 222 ई-किताबें डाउनलोड कर अपने लैपटॉप में सुरक्षित कर ली हैं। अपने दोस्तों को भी ई-बुक भेज रहा हूं। ये किताबों की अपेक्षा सस्ती पड़ती है। -अशोक सेंगर, बुक प्रेमी

केस एक

लंबे अर्से से बच्चों की सबसे ज्यादा पसंदीदा बुक्स (कॉमिक्स) बनी हुई हैं। इनमें बच्चों को चाचा चौधरी, साबू, नागराज, पिंकी, बिल्लू, सुपर कमांडो ध्रुव और तेनालीराम जैसे कैरेक्टर पसंद आ रहे हैं। इनसे वे अपने अंदर गहरी सूझबूझ की क्षमता विकसित कर रहे हैं, ताकि खुद के सामने आने वाली समस्याओं का सामना कर सकें।

केस दो

बड़ों को कविताओं में गुलजार, राहत इंदौरी, स्वानंद किरकिरे की बुक, सत्यव्यास की दिल्ली दरबार, अजीत भारती की बकर पुराण, अमीश त्रिपाठी की सीता मिथिला की योद्धा, रवीश कुमार की बोलना ही है, मनीषा कुलश्रेष्ठ का उपन्यास मल्लिका, यतीन्द्र मिश्र की अख्तरी, तारानंद वियोगी की जीवनी युगों का यात्री पसंद आ रही हैं।

केस तीन

मोटिवेशनल ई-बुक सभी उम्र के लोगों को खूब भा रही हैं। इनमें पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा लिखी गई अग्नि की उड़ान, शिवखेड़ा की आपकी जीत, डेविड जे श्वार्ट्ज की बड़ी सोच का बड़ा जादू, डॉ. स्टीफन कोवे की अति प्रभावकारी लोगों की 7 आदतें शामिल हैं। लेखक अशोक कुमार पांडे की कश्मीर नामा भी डिमांड में है।

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