लाॅकडाउन की अवधि में सकारात्मक सोच के साथ अपने ऑफिस को ऑनलाइन चलाना भी एक कला है- इंजी. संजीव अग्रवाल

दैनिक भास्कर

Apr 18, 2020, 04:36 PM IST

भोपाल.. ऑनलाइन – वर्क फ्राम होम के लिए डिजिटलाईजेशन से घर बैठे सभी से सम्पर्क कैसे किया जा सकता है यह जानकारी पता चली और घर बैठे अपने 2500 से भी अधिक सदस्यों से हर क्षण परोक्ष रूप से संपर्क में बना रहता हूं। जूम-एप के माध्यम से एक साथ कई लोगों से मीटिंग करना एक साक्षात साक्षात्कार का ही रूप है-जैसे कि हम आमने सामने बैठकर एक दूसरे से संपर्क में रहते हैं। ग्रुप को अनेकों वॉट्सएप समूह में विभाजित किया गया है, जहां सभी सदस्यगण अपनी अपनी प्लानिंग, उपस्थिति की फोटो एवं डेली रिपोर्ट को नियमित भेजते हैं, इससे उनकी नियमितता का पता निरंतर पता चलता रहता है।

देश में क्या पूरे विश्व में कोरोना जैसी महामारी के चलते जहां पूरा विश्व एक भयंकर आपदा से जूझ रहा है, वहीं हमारा भारत देश भी इस संकट से अछूता नहीं रहा। मैंने जब इस भयंकर वायरस की खबरों को विभिन्न माध्यमों से सुना-पढ़ा तो अपने मन में यह विचार पहले ही बना लिया था कि किसी भी आपदा की स्थिति में यदि कैसी भी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा तो किस प्रकार अपनी तैयारी करूं।

इसी विचार के चलते मैंने आधुनिक टेक्नालाॅजी/डिजिटलाईजेशन को अपना हथियार बनाया और अपनी सकारात्मक सोच के साथ इस हथियार को लेकर इस भयाभय युद्ध से लड़ने का मन बनाया। अपनी दोनों बेटियां साक्षी एवं शिवानी से कम्प्यूटर के बारे में जानकारी लेकर ऑनलाइन इस लड़ाई को लड़ने की योजना बनाई। जब देश में माननीय प्रधानमंत्री ने 21 दिन का लाॅकडाउन घोषित किया, तो ऐसे समय में मेरी पूरी योजना जो मैंने तैयार की थी, समझा उसे अब साकार करने का वक्त आया।

मैं अपने बिजनेस को चार सेक्टर में चलाता हूं- शिक्षा, रियल स्टेट, इंडस्ट्री और मीडिया एवं सोषल वर्क। शिक्षा के अंतर्गत इन्दौर और भोपाल में विश्वविद्यालय, तकनीकी संस्थानों में इंजीनियरिंग, फार्मेसी, मैनेजमेंट तथा स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में भी दो-दो स्कूलों का संचालक कर रहा हूं। इंडस्ट्री के क्षेत्र में मेरा पावर सप्लाई का कार्य है-इसका कार्य क्षेत्र मध्यप्रदेश के अतिरिक्त छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र स्टेट में है। रियल स्टेट के क्षेत्र में एक वृहद रूप में आज तक लगभग 11000 परिवारों को मकान/दुकान उपलब्ध करा चुका हूं तथा वर्तमान में पूरे भोपाल में 8 हाउसिंग कालोनियों/षापिंग कॉम्प्लेक्स/माॅल के निर्माण का कार्य चल रहा है। इन सभी सेक्टरों में अपना बिजनेस संभालते हुए लगभग 2500 से भी अधिक लोग मेरे बिजनेस में मेरे साथ जुड़े रहकर परिवार के सदस्य की भांति कार्य कर रहे हैं।

आज की लाॅक-डाउन की परिस्थिति में भी में अपने सभी सदस्यों के साथ निरंतर जुड़ा रहता रहकर अपने बिजनेस को ऑनलाइन के माध्यम से चलाता हूं। निरंतर सभी से ग्रुप में मैं अपने सीनियर अधिकारियों के साथ जूम-एप के माध्यम से मीटिंग करता हूं और पूरे दिन का फीडबैक प्राप्त करता रहता हूं। सभी से पूरे दिन की प्लानिंग तैयार कराना और उसके आधार पर उनकी डेली रिपोर्ट का भी मूल्यांकन कर सभी से सुझाव प्राप्त करके उनपर अमल करने की योजना को साकार करता हूं। आज यदि परोक्ष में नहीं तो अपरोक्ष रूप से सभी से किसी न किसी टेक्नालाॅजी के माध्यम से बातचीत करता रहता हूं, अभी रियल स्टेट में पूर्ण रूप से कार्य बंद जरूर है परंतु मैंने अपने सभी प्रोजेक्ट की आगामी 6 माह तक की कार्य की प्लानिंग कर ली है, अपने सभी प्रोजेक्ट का एस्टीमेषन तैयार करा लिया है जिससे मुझे यह पता लग सके कि आने वाले समय में किस प्रकार मुझे फंडिंग का इंतजाम करना है। कई टीमों को बनाकर उनके हेड निरंतर जूम-एप के माध्यम से अपने अधीनस्थों के साथ मीटिंग कर दिन भर की गतिविधियों का आकलन कर रहे हैं, जिसका मुझे सभी से निरंतर फीडबैक मिलता रहता है।

इसी प्रकार शिक्षा सेक्टर में भी हमारी संस्थानों के सभी डायरेक्टर/ चांसलर/ डीन/ प्रोफेसर ऑनलाइन छात्रों के साथ जुड़े रहकर उनका कोर्स पूर्ण कर रहे हैं, नजीतन लगभग 90 प्रतिशत से भी अधिक की अटेंडेंस छात्रों की मिल रही है। हमारे सभी शिक्षकगण टाईम-टेबल के हिसाब से ही छात्रों की क्लास ले रहे हैं, यही नहीं फेसबुक, वाह्टअप और अन्य माध्यम से भी छात्रों को नोट्स उपलब्ध करा रहे हैं। संस्थानों के डायरेक्टर गणों तथा विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलरों, डीन तथा डिपार्टमेंट हेड से निरंतर जूम एप के माध्यम से मीटिंग कर उनके तथा उनके अधीनस्थों की गतिविधियों को प्राप्त कर रहा हूं।

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