महाराष्‍ट्र के स्कूलों में पढ़ाई जाएगी मराठी भाषा, नियम तोड़ने वाले स्कूल पर लगेगा एक लाख रुपये का जुर्माना

दैनिक भास्कर

Feb 27, 2020, 03:45 PM IST

एजुकेशन डेस्क. महाराष्‍ट्र सरकार ने राज्‍य में मराठी भाषा को बढ़ावा देने के ल‍िये एक अहम फैसला लिया है। इसके तहत अब प्रदेश के हर स्कूल में 10वीं कक्षा तक मराठी भाषा पढ़ाना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही इस आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूल को दंड के तौर पर एक लाख रुपये का भुगतान करना पड़ेगा। नए न‍िर्देश के बाद अब इस नियम को इसी सत्र 2020-21 में लागू क‍िया जाएगा। 

इसे लेकर सदन में व‍िधेयक भी पेश कर द‍िया गया है, जिसे मंजूरी भी म‍िल गई है। राज्य के मराठी भाषा विभाग मंत्री सुभाष देसाई ने बुधवार को विधान परिषद में इस बारे में जानकारी दी। गुरुवार को इस व‍िधेयक को व‍िधानसभा में पेश किया जाएगा, जिसके बाद दोनों सदनों में व‍िधेयक पार‍ित होते ही इसे कानूनी रूप दे द‍िया जाएगा।

सभी स्कूलों में सख्ती से लागू होगा नियम
राज्य के सीबीएसई बोर्ड और आईसीएसई बोर्ड सहित सभी स्कूलों में अब मराठी पढ़ाना अनिवार्य हो जाएगा। सुभाष देसाई ने बताया कि पहली और छठी कक्षा में साल 2020-2021 में ही लागू किया जाएगा। इसके बाद दूसरी, तीसरी, चौथी, 5वीं, 7वीं, 8वीं और 9वीं कक्षा में मराठी लागू की जाएगी।

राज्य में बंद होगा अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड
इसके साथ ही तीन साल पहले शुरू किए गए अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड को बंद करने का निर्णय लिया है। इस बारे में शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड ने विधान परिषद में घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा मंडल के बारे में सरकार को काफी शिकायतें मिली हैं। राज्य के जिला परिषद, नगर निकायों और निजी अनुदानित स्कूलों के 83 स्कूलों को अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा मंडल से जोड़ा गया है, इसके पाठ्यक्रम की रूपरेखा तय नहीं है। ऐसे में बेहतर होगा कि इसे बंद किया जाए। इस दौराना गायकवाड ने यह भी साफ कहा कि सरकार राज्य के स्कूलों को नहीं, सिर्फ अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा मंडल को बंद कर रही है।
 

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