बिना छुट्‌टी बंद हुए स्कूल महीनों बाद खुल रहे, वायरस से बचाव करना भी बच्चों के लिए एक सबक की तरह होगा


  • लॉकडाउन के बाद कई देशों में लंबे समय बाद स्कूलों को दोबारा खोला जा रहा है
  • संक्रमण से बचाव के लिए स्कूलों में कई तरह के कदम उठाए जा रहे हैं

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 10:01 PM IST

पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले चुके कोरोनोवायरस ने हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित किया है। इसकी वजह से दुनियाभर में ना सिर्फ आर्थिक और व्यवसायिक क्षेत्र प्रभावित हुए हैं, बल्कि पढ़ाई पर भी इसका काफी गहरा प्रभाव पड़ा है। लॉकडाउन की वजह से दुनियाभर के लगभग सभी शिक्षण संस्थान बंद थे, लेकिन अब धीरे-धीरे कई देशों में स्कूलों को दोबारा खोला जा रहा है। हालांकि भारत में शिक्षण संस्थान खोलने को लेकर जुलाई में फैसला किया जाएगा लेकिन कई देश ऐसे हैं, जहां स्कूलों में दोबारा पढ़ाई शुरू हो चुकी है।

कोरोनो काल के बीच दोबारा शुरू हुए स्कूलों में अब पढ़ाई का तरीका कुछ बदला नजर आ रहा है। दरअसल, इसवायरस ने दुनिया की तस्वीर और तौर तरीके पूरी तरह से बदल दिए हैं। ऐसे में इससे बचाव को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में कई तरह के एहतियातन कदम उठाए जा रहे हैं। दुनिया के अलग-अलग देशों के स्कूलों से आई तस्वीरों से यह जानते है कोरोनावायरस ने कितना बदला पढ़ाई का तरीका……..

जापान के योकोहामा में नए विद्यार्थियों के स्वागत के लिए समारोह का आयोजन किया गया। हालांकि इस दौरान सभी बच्चे सामाजिक दूरी का पालन करते और फेस मास्क लगाए नजर आए।

कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए ताइवान के लोग नए-नए तरीकें अपनाते नजर आ रहे हैं।इसी क्रम में ताइपेई स्थित दाजिया एलीमेंट्री स्कूल में बच्चे होममेड प्लास्टिक डिवाइडर का इस्तेमाल कर रहे हैं 

वायरस की शुरुआत चीन से होने की वजह से यहां इसका सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिला।ऐसे में स्कूल दोबारा लौटे बच्चे अपने सिर पर एक विशेष तरह की टोपी लगाए नजर आए।इसके दोनों ओर 3 फुट लंबा डंडा लगा हुआ है, ताकि बच्चों के बीच दूरी बनी रहे।

डेनमार्क के कोपेनहेगन के उत्तर में स्थित उत्तर में स्टेंगार्ड स्कूल में एंट्री की प्रतीक्षा करते स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स 6 फीट की दूरी पर खड़े दिखाई दिए।

कोरोना वायरस के जोखिम के बीच स्कूल पहुंचे स्टूडेंट्स की इंडोनेशिया के एक स्कूल में एंट्री लेने से पहले टीचर्स द्वारा थर्मल स्कैनिंग के जरिए तापमान की जांच की जा रही है।

कोरोना काल में दोबारा स्कूल खोलने पर फ्रांस की राजधानी पेरिस में बच्चे अलग- अलग तरीके से सोशल डिस्टेंस फॉलो करते नजर आ रहे हैं। कहीं बच्चे स्माइली सर्कल पर खड़े नजर आए तो कहीं सीढ़ियों पर बने संकेतों के आधार पर डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है।

बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में भी दोबारा स्कूल खोल दिए गए। हालांकि इस दौरान बच्चों को कोरोनावायरस से बचाव के बारे में जानकारी देने के लिए क्लासेज के बाहर डिस्प्ले बोर्ड पर पोस्टर के जरिए जागरूक किया जा रहा है।

वायरस से बचाव के लिए जरूरी सोशल डिस्टेंसिंग काफी जरूरी है। ऐसे में कनाडा के क्यूबेक स्थित एक स्कूल में बच्चों के बीच दूरी बनाए रखने के लिए परिसर में  ग्रीन डॉट की मदद ली जा रही है।

कई दिनों से बंद स्कूल दोबारा खोलने पर नीदरलैंड के डेन बॉश स्थित एक स्कूल में डेस्क और आसपास के परिसर को कीटनाशक जेल से साफ किया गया। इतना ही नहीं, यहां के बच्चे पढ़ाई के दौरान प्लैक्सीग्लास से बने डिवाइडर का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।

कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद वियतनाम में भी देशव्यापी लॉकडाउन जारी था। लेकिन अब धीरे-धीरे चीजे सामान्य होती नजर आ रही है। इसी क्रम में यहां प्राथमिक विद्यालय खोल दिए गए हैं, जहां बच्चे सुरक्षा के लिए मास्क पहने नजर आए।

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