निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के परिजनों को राज्य सरकार ने दी राहत, लॉकडाउन तक नहीं जमा होगी फीस

दैनिक भास्कर

Apr 02, 2020, 12:18 PM IST

एजुकेशन डेस्क. कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण पूरी दुनिया में दहशत का माहौल है। वहीं, देश में ही इससे संक्रमित लोगों की संख्या भी तेजी से बढ़ती जा रही है। जिसके चलते सरकार ने लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। इसी बीच अब हरियाणा और महाराष्ट्र के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने भी अहम फैसला लिया है। छत्तीसगढ़ में निजी स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के परिजनों को राहत देते हुए बुधवार को निर्देश जारी किए हैं। निर्देश के मुताबिक, लॉकडाउन के दौरान सभी निजी स्कूल के फीस वसूलने पर रोक लगा दी गई है।

सीएम ने ट्वीट कर दी जानकारी
लॉकडाउन के कारण राज्य में की खराब स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने निजी स्कूल ने संचालकों से कहा कि वे स्कूल में पढ़ने वालों छात्र-छात्राओं से लॉकडाउन के दौरान फीस न लें। लेकिन बावजूद इसके परिजनों की ओर से  निजी स्कूलों द्वारा फीस भरने के लिए दबाव बनाने की राज्य सरकार को बार-बार शिकायत मिल रही थी। जिसके देखते हुए भूपेश बघेल ने ट्वीट कर कहा कि लॉकडाउन के दौरान फीस भुगतान के लिए दबाव डालना उचित नहीं है। ऐसे में सभी स्कूलों को लॉकडाउन के समय स्कूल फीस वसूली ना करने के निर्देश दिये गए हैं।

बोर्ड स्टूडेंट्स के अलावा सभी होंगे प्रमोट
इससे पहले राज्य सरकार ने दसवीं और बारहवीं बोर्ड के स्टूडेंट्स को छोड़कर सभी कक्षाओं के स्टूडेंट्स को बिना परीक्षा के ही पास करने का फैसला लिया है। छत्तीसगढ़ में नर्सरी से लेकर नौवीं और ग्यारहवीं के सभी स्टूडेंट बिना परीक्षाओं के ही अब अगली कक्षा में प्रमोट होंगे। छत्तीसगढ़ से पहले महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, गुजरात समेत कई राज्यों में इस तरह का फैसला लिया जा चुका है। कोरोना वायरस की वजह से इस वक्त देश में कई प्रतियोगी परीक्षाओं को भी स्थगित किया गया है। जबकि कई परीक्षाओं की तारीख आगे बढ़ाई गई है।

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