जेईई मेन्स और नीट की तारीख घोषित, लॉकडाउन के एक्स्ट्रा टाइम में तैयारी की नई स्ट्रेटजी से हासिल करें ‘एक्स्ट्रा स्कोर’

  • आखिरी के 15 दिनों में डेली एक पेपर सॉल्व करें
  • फोन पर दोस्तों का क्लोज ग्रुप बनाकर उस पर पेपर का डिस्कशन करें

दैनिक भास्कर

May 09, 2020, 02:06 PM IST

जेईई, नीट, क्लैट की तैयारी करते-करते स्टूडेंट्स थकान का शिकार हो रहे हैं। अब इनकी नई डेट्स भी आ गई हैं। एक्सपर्ट बता रहे हैं- इन अतिरिक्त दिनों का सही इस्तेमाल कैसे करें। जेईई मेन्स और नीट परीक्षाओं की नई तरीखों की घोषणा कर दी गई। जेईई मेन्स 18 से 23 जुलाई के बीच होंगे। 26 जुलाई को नीट की परीक्षा होगी। दोनों की तैयारी के लिए स्टूडेंट्स को अब पर्याप्त समय मिल गया है। लेकिन बहुत से स्टूडेंट्स ऐसे हैं, जो तैयारी करके थक चुके हैं और सैचुरेशन की फीलिंग आ गई है। शहर के एक्सपर्ट्स से हमने जाना कि इन हालात में तैयारियों को अब किस तरह से प्लान करें, ताकि फटीग से बचे रहें और आखिरी चरण की तैयारियां खराब न हों।

जेईई मेन्स (18 से 23 जुलाई):71 दिन बचे

  • मॉक टेस्ट बता देंगे आपके कॉन्फिडेंस में कितना दम, दो रिविजन भी प्लान करें

एक्सपर्ट मितेश राठी के मुताबिक, 18 जुलाई को पेपर है तो स्टूडेंट्स के पास अब 71 दिन बचे हैं। इसमें दो रिवीजन प्लान करें। पहला रिविजन 60 दिनों में और दूसरा आखिरी के बचे हुए दिनों में।

हर हफ्ते दो पेपर- एक मेन्स, दूसरा एडवांस: सप्ताह में दो पेपर्स हल करना शुरू कर दें, जिसमें एक मेन परीक्षा का हो और दूसरा एडवांस का, चूंकि एडवांस के लिए इस बार ज्यादा टाइम नहीं मिलेगा।

तो फिर से रिविजन: फटीग आ गया है या ओवर कॉन्फिडेंट हो गए हैं और किताब देखकर लगता है कि सब आता है, तो पेपर सॉल्व करें। 90% से कम स्कोर कर रहे हैं तो रिवीजन से फिर से तैयारी शुरू करना बेहतर होगा।

पेपर एनालिसिस: कैल्कुलेशन और कॉन्सेप्ट चेक: देखें कि गलत सवालों में कैल्कुलेशन की गलती है या कॉन्सेप्ट की। कैल्कुलेशन की गलती है तो पेपर प्रैक्टिस बढ़ा दें। अगर कॉन्सेप्ट गलत था, तो गलती कहां हुई, उसे ढूंढ़कर खास उस हिस्से का रिवीजन करें।

नीट (26 जुलाई): 79 दिन बचे

  • 30 सेकंड में एक सवाल, रोज 600, 2.45 घंटे में ही पेपर सॉल्व करने की प्रैक्टिस करें

एक्सपर्ट प्रकाश नंदी बताते हैं, अभी बोर्ड एग्जाम नहीं हुए हैं, मान सकते हैं कि यह अगले 15 दिनों में पूरे हो जाएंगे। तो भी स्टूडेंट्स के पास काफी वक्त बचेगा। रोजाना 600 सवाल हल करें। 8 से 10 घंटे की डेली तैयारी जरूरी है। सिर्फ एनसीईआरटी पर फोकस रखें। सवाल प्रैक्टिस करें और स्पीड मेंटेन करें। पेपर में 15 मिनट पेपर वर्क में चला जाएगा, तो 2 घंटे 45 मिनट में पेपर सॉल्व करने की प्रैक्टिस डालें। बायो पहले करें, 30 सेकेंड में एक सवाल और 45 मिनट में 90 सवालों को हल करने की प्रैक्टिस डालें। केमेस्ट्री-फिजिक्स बाद में करें, इसमें कॉन्सेप्ट रीकॉल करना पड़ता है। 720 मार्क्स के पेपर में 500 प्लस मार्क्स आए बड़ा कॉलेज मिलेगा।

पेपर एनालिसिस: एक्सपर्ट शीनू जॉन बताते हैं- पेपर हल करने में बाद देखें कि सिली मिस्टेक के कारण गलती हुई या नॉलेज की कमी के कारण। प्रैक्टिस बढ़ाकर सिली मिस्टेक दूर होंगी। एनसीईआरटी बुक्स को रिवाइज करेंगे तो नॉलेज बढ़ेगा। सवाल को जल्दीबाजी में पढ़ने, एक ही पार्ट में ज्यादा समय देने के कारण पेपर छूटने जैसी प्रॉब्लम्स को पहचानें।

क्लैट (21 जून): 44 दिन बचे

  • कॉम्प्रीहेंसिव स्किल्स मजबूत करें

एक्सपर्ट हर्ष गंगरानी बताते हैं, कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट 21 जून को होने वाला है, पहले 10 मई को होना था। स्टूडेंट्स इस एक्स्ट्रा टाइम को लैंग्वेज और कॉम्प्रीहेंसिव स्किल्स बढ़ाने में इस्तेमाल करें। तीन दिन में एक मॉक टेस्ट दें। कम से कम 3 घंटे इसको रिवाइज करें। ऑनलाइन क्लासेज में रेगुलर रहें, इससे पढ़ाई की तारतम्यता बनी रहेगी।

पेपर एनालिसिस: मॉक टेस्ट खत्म होते ही एक पेपर पर 5 मिनट में लिखें कि क्या गलतियां कीं, कहां ज्यादा समय दिया। इन्हीं प्वाइंट्स को एनालाइज करें।

ब्रेक के दौरान टीवी नहीं लाफ्टर शो, कवि सम्मेलन देखें

डॉ. रत्ना शर्मा, साइकोलॉजिस्ट

  • एक्स्ट्रा टाइम: पढ़ाई का समय बढ़ गया, यह सोचने के बजाय सोचें एक्स्ट्रा टाइम मिल गया।
  • फोकस कोपिंग थेरेपी: खुद से प्रॉमिस करें- निगेटिव थॉट नहीं आएंगे। इसे दोहराएं।
  • एक्सरसाइज: हेल्दी फूड व एक्सरसाइज से डोपामाइन बढ़ेगा। नेगेटिविटी दूर होगी।
  • ब्रेक में: टीवी नहीं, लाफ्टर चैनल, मोटिवेशनल वीडियो, कवि सम्मेलन देखें।
  • फ्रेंड्स: नेगेटिव बात करने वाले दोस्तों से बचें। हौसला बढ़ाने वालों से ही कॉन्टैक्ट करें।
  • पेरेंटल सपोर्ट: बच्चा पढ़े तो गैजेट यूज न करें। बच्चा यह नहीं सोचेगा कि ‘सब मौज कर रहे’।

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