कोरोना के हल्के लक्षण वाले 80% मरीज दो हफ्ते में हो जाते हैं ठीक, जानें कोरोना से जुड़ी तमाम बातें

दैनिक भास्कर

Mar 24, 2020, 07:49 PM IST

एजुकेशन डेस्क. पिछले करीब ढाई महीनों में दुनियाभर में आतंक मचाने वाले कोरोना की मप्र में एंट्री जबलपुर के रास्ते हो गई है। हर किसी के जेहन में कोरोनावायरस को लेकर तमाम तरह के सवाल हैं। पेश हैं इन्हीं बेसिक सवालों के आसान से जवाब अंग्रेजी भाषा के बेसिक यानी ABCD के फॉर्म में..

A: कोरोना वायरस कितना घातक है?
डब्ल्यूएचओ के अनुसार भारत में कोविड-19 की घातकता की दर 2.1% है। यानी 2003 में फैले एसएआरएस (घातकता दर 10%) व 2012 में सामने आई एमईआरएस (घातकता दर 35%) से बेहद कम है।

B: तो फिर संक्रमण का इतना आतंक क्यों ?
सिद्ध तथ्यों की कमी और अफवाहों के कारण पूरे समुदाय में खलबली है। वायरस नया है, इसलिए लोगों को होने वाले प्रभावों के बारे में पूरी जानकारी का अभाव है।

C: क्या हर प्रभावित व्यक्ति में मौत की आशंका है?
नहीं। करीब 80% रोगियों में हल्के लक्षण होते हैं और वे दो हफ्ते में ठीक हो जाते हैं। गंभीर लक्षण वाले मरीज 3-6 हफ्ते में ठीक हो सकते हैं। बशर्त वे गाइडलाइन करा पालन करें।

D: कोरोना के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
सर्दी-जुकाम के साथ तेज बुखार, सूखी खांसी और सांस लेने में तकलीफ होना ही कोरोना वायरस के शुरुआती लक्षण हैं। यदि ये लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो हो सकता है कि व्यक्ति संक्रमित हो।

E: इससे कौन, कितना बीमार हो रहा है?
इस संक्रमण के तहत बुजुर्ग लोगों में कोविड-19 का गंभीर संक्रमण होने की दोगुनी संभावना रहती है। हालांकि यदि बच्चों और युवाओं की बात करें तो उनमें ये संभावित बीमारी हल्की होती है।

F: क्या बच्चों को भी इससे खतरा है?​​​​​​​
18 वर्ष से कम उम्र में केवल 2 प्रतिशत संभावना है। इनमें भी 3 प्रतिशत से कम बच्चों में ही गंभीर रोग होना पाया गया है। क्योंकि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कहीं अधिक होती है।

G: ये वायरस खाद्य पदार्थों के जरिए भी फैलता है?
प्राय: ऐसा नहीं होता है। शाकाहारी और मांसाहारी खाने से संक्रमण नहीं फैलता है। खुले में रखे खाद्य पदार्थों पर संक्रमित बूंदें पड़ने के बाद ऐसा संभव है। इसलिए जरूरी है कि बाहर का खाने से बचें।

H: चिकन या अंडा खाने से कोरोना संभव है?
ऐसे कोई साक्ष्य अभी तक तो नहीं मिला है। ध्यान यह दें कि मांसाहार को अच्छी तरह धोकर और अच्छी तरह पकाकर ही खाया जाए। ताकि उसमें किसी तरह के बैक्टिरिया न रहें।

I: यदि वायरस के लक्षण महसूस हो रहे हैं तो क्या करें?
इसके लक्षण संपर्क दिनांक से 2-14 दिन में सामने आते हैं। ऐसे में बुखार, सर्दी, खराश पर घबराना ठीक नहीं।

J: कोरोना की जांच किसी भी लैब में संभव है, क्या घर पर सैंपल दिया जा सकता है?
बायोसेफ्टी लेवल-4 लैब में ही सैंपल परीक्षण किए जा सकते हैं। मप्र में एम्स भोपाल और एनआईआरटीएच की लैब चिह्नित हैं।

K: संक्रमित व्यक्ति ठीक हो सकता है?
हां, 80% मंद लक्षण वाले बिना विशेष उपचार के ठीक हो सकते हैं। इसका वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।

L: कोविड-19 के परिपेक्ष्य में संपर्क व्यक्ति की परिभाषा क्या है?
कोरोना पॉजिटिव के साथ घर में रहने वाला, शारीरिक संपर्क में आने वाला और आमने-सामने 1 मीटर से कम दूरी में संपर्क में आया व्यक्ति।

M: कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण में होम आइसोलेशन क्या है? 
प्रभावित देशों की यात्रा कर लौटे लोगों को घर तक सीमित करने को होम आइसोलेशन कहते हैं।**

N: संक्रमित व्यक्ति को होम आइसोलेशन में क्या करना चाहिए?
ऐसा व्यक्ति हवादार, स्वच्छ अलग कमरे में 28 दिनों तक रहे। तरल पदार्थ ज्यादा मात्रा में लेते रहें।

O: होम आइसोलेशन व्यक्ति को क्या नहीं करना चाहिए?
भीड़ वाले स्थान में जाने से बचें, परिवार के अन्य सदस्यों से भी दूरी बनाकर रहें।

P: क्या गर्म मौसम से कोविड-19 का आउटब्रेक खत्म हो सकता है?
मैदानी विशेषज्ञ तेज गर्मी में इसका फैलाव कम होने की राय देते हैं, लेकिन यह सिद्ध नहीं है।

Q: कोरोना वायरस वस्तु/सतह पर कब तक जीवित रह सकता है?
कागज, लकड़ी, कपड़े आदि पर यह 8-10 घंटे व कांच, प्लास्टिक आदि पर इससे ज्यादा समय तक।

R: कोरोना वायरस से सुरक्षा के लिए किसे मास्क पहनना चाहिए?
बिना लक्षण वाले लोगों को मास्क लगाने की जरूरत नहीं है। संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाना ही पर्याप्त है।

S: कोरोना वायरस से सुरक्षा के लिए कैसे मास्क पहनना चाहिए?
मेडिकल मास्क या 3 परतयुक्त डिस्पोजेबल सर्जिकल मास्क वायरस से सुरक्षा के लिए।

T: मेडिकल मास्क का उपयोग कितने समय तक करना चाहिए?
मेडिकल मास्क का इस्तेमाल सिर्फ 8 घंटे तक किया जा सकता है, भीगने पर तुरंत बदलना चाहिए।

U: क्या कोरोना वायरस संक्रमण पालतू या अन्य जानवरों से हो सकता है?
ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है। फिर भी जानवरों के संपर्क के पहले व बाद में हाथ धोना उचित है।

V: यदि कोई घर में इस वायरस से पीड़ित है तो क्या सावधानी बरतें?
घर में मास्क पहनकर रखें, सैनिटाइजर का उपयोग करें। पीड़ित से दूरी बनाकर रखें।

W: खांसते या छींकते समय क्या सावधानी बरतें, ताकि संक्रमण न फैले?
खांसते और छींकते वक्त नाक-मुंह ढंके। हो सके तो खांसते वक्त कोहनी मोड़कर मुंह के सामने लाए।

X: क्या लहसून के सेवन से कोरोना संक्रमण की रोकथाम संभव है?
अब तक ऐसे कोई वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं है।

Y: यदि कोई खांस/छींक रहा है तो क्या वह इससे संक्रमित है?

बुखार, खांसी, सांस की तकलीफ के साथ वायरस प्रभावित क्षेत्रों की ट्रैवल हिस्ट्री होने पर ऐसा संभव है।

Z: कोरोना वायरस से पीड़ित होने की आशंका है तो कहां संपर्क कर सकते हैं ?
कोराना हेल्पलाइन 0755-2527177 और 104।

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