कोरोना के कारण स्कूल 31 मार्च तक बंद पर आगे का फैसला सरकार की एडवायजरी पर निर्भर

  • स्कूल और विद्यार्थी इंतजार नहीं ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करें

दैनिक भास्कर

Mar 23, 2020, 01:03 PM IST

एजुकेशन डेस्क. देश- दुनिया में कोरोना वायरस को लेकर बन रहे हालातों के मद्देनजर कई कदम उठाएं जा रहे हैं। ऐसे में अर्थव्यवस्था,कोराबार से लेकर पढ़ाई पर भी काफी असर पड़ रहा है। इस पर सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने मौजूदा समय पर स्टूडेंट्स और टीचर्स के लिए अपने विचार साझा किए।

ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करें स्टूडेंट्स
कोरोना को फैलने से रोकने के लिए परीक्षा और मूल्यांकन का काम सीबीएसई ने 31 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया है। जबकि यह समय परीक्षाओं के बाद रिजल्ट घोषित करने और आगे की पढ़ाई शुरू करने का है। अभी यह कहना संभव नहीं है कि हम कितने समय बाद परीक्षा और मूल्यांकन का काम फिर से शुरू कर पाएंगे। 31 मार्च के बाद सरकार की एडवायजरी पर यह सब निर्भर करेगा। बच्चों का नुकसान न हो इस बारे में सीबीएसई ने एडवाइजरी जारी कर दी है। हमारा प्रयास है कि स्कूल और स्टूडेंट्स इंतजार की बजाय ऑनलाइन क्लासेस या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग शुरू कर दें। देश और विदेश में स्थित हमारे कई स्कूल ई-क्लास रूम शुरू कर चुके हैं। इसके लिए कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मौजूद है। 
इसमें एचआरडी मंत्रालय का दीक्षा प्लेटफॉर्म सबसे कारगर है। दीक्षा पर छात्रों के सिलेबस एवं एनसीईआरटी बुक के अनुसार कई सारे वीडियोज क्लास रूम, लर्निंग कंटेंट उपलब्ध हैं। सभी स्कूलों को इसके बारे मे पहले ही बताया जा चुका है कि दीक्षा प्लेटफॉर्म का उपयोग बढ़ाया जाए और बच्चों की इसके जरिए पढ़ाई शुरू की जाए। इसके अलावा गूगल, खान एकेडमी आदि के प्लेटफॉर्म का उपयोग भी छात्र अपने सिलेबस को पढ़ने में कर सकते हैं। कई स्कूलों ने खुद पहल करते हुए ऑनलाइन क्लास या कंटेंट का उपयोग शुरू कर दिया है। इन स्कूलों ने बच्चों को घर पर ही ई- क्लास रूम की सुविधा उपलब्ध करवानी शुरू कर दी है।

सीबीएसई की 70% परीक्षाएं पूरी
हमने स्कूलों से अनुरोध किया था कि वे अपना खुद का कंटेंट और वीडियोज बनाकर बच्चों को ई -क्लास रूम की सुविधा उपलब्ध कराएं। जो स्कूल अपना ई- कंटेंट नहीं बना पा रहे हैं, वो दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और फायदा लें। हाल ही में सीबीएसई ने एमएचआरडी के दीक्षा ऐप पर सभी विषयों के ई-कंटेंट लॉन्च किए हैं। वर्तमान समय में शिक्षा का पूरा पैटर्न क्षमता विकास और कौशल विकास पर शिफ्ट हो गया है। सीबीएसई ने अभी हाल में बच्चों के भीतर 21वीं शताब्दी की स्किल्स को विकसित करने के लिए एडवायजरी जारी की है। सीबीएसई बोर्ड की 70 प्रतिशत परीक्षाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। सिर्फ 30 प्रतिशत परीक्षाएं बची हुई है। जिसमें बिजनेस स्टडीज, भूगोल, सोशियोलॉजी के अलावा कुछ छोटे पेपर हैं। 
हम उम्मीद कर रहे हैं कि स्थिति सामान्य होने पर कम समय में ही बाकी की परीक्षा भी पूरी करवा लेंगे और जल्द ही मूल्यांकन करते हुए रिजल्ट भी घोषित कर देंगे। अगर ये दौर लंबा खिंचेगा तो भी बच्चों को घबराने की जरूरत नहीं है। इतना ही होगा कि बच्चों की परीक्षा और मूल्यांकन का समय और लंबा हो जाएगा। फिर भी मेरा यह मानना है कि चूंकि यह समस्या सिर्फ हमारे देश की नहीं है, बल्कि वैश्विक है। इसलिए हम उम्मीद करते हैं कि उच्च शिक्षण संस्थाएं और विदेशी संस्थाएं भी अपनी प्रक्रिया इसी के अनुरूप आगे बढ़ाएंगी, जिससे बच्चों को नुकसान न हो।

सरकार की एडवाइजरी का पालन करें
आमतौर पर गर्मी की छुट्टियों में स्कूल अपने बच्चों को प्रोजेक्ट और नई गतिविधियों का असाइनमेंट देते हैं। यह वह समय है जब स्कूल प्रोजेक्ट और नए असानमेंट ई-मेल के माध्यम से भेज दें। बच्चे अपने घर में रहते हुए यूट्यूब और अन्य प्लेटफॉर्म की मदद से इन्हें बनाने का प्रयास करें। गर्मी की छुटि्टयां आमतौर पर मई के मध्य से शुरू होकर जून तक होती हैं। चूंकि एक तरह से छुट्‌टी का माहौल एक तरह से मार्च में ही शुरू हो गया है। हम उम्मीद करते हैं कि जल्द से जल्द कोरोना की स्थिति सामान्य होगी। हमें इस संबंध में कई स्कूलों ने सुझाव दिया है कि जो छुटि्टयां मई-जून में होती थी, वह उन्हें अप्रैल-मई में कर दें और जून में क्लासेस शुरू कर दें। इस विषय में मेरा यही सुझाव है कि स्कूल राज्य सरकार की दी जा रही एडवाइजरी का पालन करें। जो स्कूल कोरोना के संबंध में सीबीएसई की एडवायजरी नहीं मानेंगे उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा सकता है। जिसके अनुसार हम स्कूलों पर जुर्माना भी लगा सकते हैं और साथ ही एफिलिएशन भी रद्द कर सकते हैं। लेकिन हमें उम्मीद है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी स्कूल सीबीएसई की एडवायजरी को मानेंगे।

ऑनलाइन क्लासेस को दे बढ़ावा
मौजूदा स्थिति से सीख लेते हुए हम प्रयास कर रहे हैं कि आने वाले समय में ऑनलाइन क्लासेस को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जाए। ऑनलाइन क्लासेस से छात्र 24 घंटे अपने घर पर बैठकर भी पढ़ाई कर सकते हैं। कोरोना का असर कम होने और सिस्टम रुटीन में आने के बाद भी सीबीएसई भविष्य में ऑनलाइन क्लास को बढ़ावा देता रहेगा। हमें ऑनलाइन परीक्षा एवं ऑनलाइन मूल्यांकन के सुझाव भी मिल रहे हैं । ये सुझाव अच्छे और भविष्यगामी हैं। चूंकि यह प्रक्रिया बेहद गोपनीय और जटिल होती है और इनकी मॉनिटिरिंग बेहद सख्त होती है। इसलिए इस पर अभी कुछ कहना जल्दबाज़ी होगी । मैं यही कहूंगा कि सीबीएसई ने अपने सारे विकल्प खुले रखें हैं। हम अध्यापकों से भी उम्मीद करते हैं कि इस समय का उपयोग वह लेसन प्लान, प्रश्न बैंक, नोट्स, ई-कंटेंट एवं वीडियोज बनाने में करें।
 

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