आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े बच्चों को पढ़ा रहा केरल शिक्षा विभाग, लाइब्रेरी और आंगनबाड़ी में चल रही ऑनलाइन क्लास


  • स्मार्टफोन ना होने की वजह से इन सेंटर्स पर आते हैं गरीब और पिछड़े समुदाय के बच्चे
  • एजुकेशनल चैनल विक्टर्स के जरिए राज्य में ऑनलाइन क्लासेस आयोजित की जा रही है

दैनिक भास्कर

Jun 12, 2020, 02:47 PM IST

कोरोना महामारी और फिर उसके बाद लॉकडाउन के बीच केरल राज्य शिक्षा विभाग लगातार स्टूडेंट्स की पढ़ाई जारी रखने का प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में अब राज्य के पुस्तकालयों और आंगनबाड़ियों में आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े स्टूडेंट के लिए ऑनलाइन क्लासेस शुरू की गई है। इस बारे में सहायक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि इस साल स्कूलों को खोलना संभव नहीं है। ऐसे में राज्य सरकार ने ऑनलाइन सीखने का एक नया तरीका निकाला है। 1 जून से सरकार ने स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन लर्निंग का ट्रायल रन शुरू किया है। दरअसल, स्मार्टफोन ना होने की वजह से गरीब और पिछड़े समुदाय के बच्चे पढ़ाई में पीछे ना छूट जाए, इसलिए इन कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है।

सुबह 10 से शाम 5 बजे तक चलती हैं क्लासेस 

ऑनलाइन क्लास के बारे में बात करते हुए कोझिकोट के मारुथोंकरा के एक शिक्षक ने कहा कि आदिवासी स्टूडेंट्स के लिए मारुथोंकरा ग्राम पंचायत द्वारा क्लासेज के लिए एक लैपटॉप, प्रोजेक्टर और स्क्रीन की व्यवस्था की गई। एजुकेशनल चैनल विक्टर्स के जरिए राज्य में ऑनलाइन क्लासेस आयोजित की जा रही है। राज्य शिक्षा विभाग द्वारा चलाया जाने वाला यह देश का पहला एजुकेशन सेटेलाइट चैनल है। इसके जरिए विभिन्न कक्षाओं के सभी स्टूडेंट्स के लिए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक क्लासेस आयोजित की जाती हैं। 

राज्य में स्थगित बोर्ड परीक्षाएं

ऑनलाइन क्लासेस के लिए सभी स्टूडेंट्स को उनकी क्लास के अनुसार शेड्यूल भी दिया गया है। कट्टूनायका जनजाति के बच्चे भी इस ऑनलाइन क्लास में अपनी कक्षा के शेड्यूल के मुताबिक पढ़ाई करते हैं। दरअसल, राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश में मार्च से ही सभी स्कूल-कॉलेज बंद है। इसके अलावा राज्य बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं भी हालात को देखते हुए पहले ही रद्द या स्थगित कर दी गई थी।

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