आम स्किल्स को कम्बाइन करके आगे बढ़ने का आइडिया ही टैलेंट स्टैकिंग है, इससे खुद को बना सकते हैं नंबर वन

दैनिक भास्कर

May 17, 2020, 10:45 AM IST

टैलेंट स्टैकिंग का कॉन्सेप्ट विश्व प्रसिद्ध कॉमिक स्ट्रिप डिलबर्ट के रचयिता स्कॉट एडम्स ने दिया है। उनके अनुसार एक्सट्राऑर्डिनरी बनने के लिए जरूरी स्किल न होने तक अपनी आम स्किल्स को कम्बाइन करके आगे बढ़ने का आइडिया ही टैलेंट स्टैकिंग है। इसे समझाते हुए स्कॉट एडम्स अपना ही उदाहरण देते हैं कि दूसरे आर्टिस्ट की तुलना में वे बहुत मामूली आर्टिस्ट और एक औसत राइटर हैं जिसने कॉलेज के स्तर पर कभी राइटिंग का कोर्स नहीं किया है। वे कुछ हद तक फनी है लेकिन बहुत सारे लोग उनसे कई गुना ज्यादा फनी हैं। 

इंस्टाग्राम, टिकटॉक के इंफ्लुएंसर भी टैलेंट स्टैक का उदाहरण

बिजनेस में भी वे एक्सपर्ट नहीं हैं लेकिन अपनी इन सभी औसत स्किल्स को समझदारी से कम्बाइन करके वे खुद को 65 देशों के 150 मिलियन डेली रीडर्स और 75 मिलियन डॉलर नेट वर्थ वाले एक सक्सेसफुल कार्टूनिस्ट और राइटर के मुकाम तक पहुंचा पाए हैं। मौजूदा दौर के इंस्टाग्राम और टिकटॉक के इंफ्लुएंसर मिलियनेयर्स भी टैलेंट स्टैक का एक अच्छा उदाहरण हैं जो किसी एक डोमेन में वर्ल्ड क्लास स्किल नहीं बल्कि औसत स्किल्स रखते हैं मसलन ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, इंडस्ट्री नॉलेज, ऑनलाइन मार्केटिंग, प्रेजेंटेशन स्किल्स, वीडियो मेकिंग आदि।
समझिए टैलेंट स्टैकिंग के फायदेअब ऐसी स्किल्स के कॉम्बिनेशन को महत्व दिया जाने लगा है जो आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। उदाहरण के लिए जिस सॉफ्टवेयर डेवलपर के पास टीम के साथ काम करने की इंटरपर्सनल स्किल्स, क्लाइंट्स को प्रभावित करने के लिए बेहतरीन प्रेजेंटेशन स्किल्स, एक मजबूत नेटवर्क है जो अवसर तलाशने में मददगार हो और इंटरव्यूअर्स को इम्प्रेस करने के लिए स्टोरी टेलिंग की क्षमता है तो निश्चित ही वह मनचाही जॉब और सैलरी हासिल करने में सफल होगा।

क्वालिटी नहीं, क्वांटिटी जरूरी

लेखक मैलकॉम ग्लैडवेल के अनुसार किसी भी स्किल में माहिर बनने के लिए आपको 10,000 घंटे तक उसकी प्रैक्टिस करनी होती है। हालांकि अब जबकि आप यह जानते हैं कि आपके टैलेंट स्टैक में जुड़ने वाली हरेक स्किल आपकी सफलता की संभावना को दोगुना करने की क्षमता रखती है तो आपको कम से कम समय में मल्टीपल स्किल्स सीखने के लिए किसी भी स्किल को एक स्तर की एक्सपर्टीज तक ही सीखना होगा ताकि आप आसानी से स्किल्स एक्वायर कर सकें।

सही एडिट्यूड के साथ आगे बढ़ें

टैलेंट स्टैकिंग की शुरुआत सेल्फ इम्प्रूवमेंट के माइंडसेट के साथ करें। ध्यान रखें कि आपका गोल खुद में सुधार करना है किसी जॉब को हासिल करना नहीं। पहला कदम है खुद को समझें और फिर उन सभी चीजों पर अपने हाथ आजमाएं जो आपके सामने आएं या जो आपको आकर्षित करें। समय के साथ आपको समझ आ जाएगा कि आप किस में अच्छे हैं। दूसरा कदम होगा अपनी नॉलेज को सभी क्षेत्रों में परखते हुए महारत हासिल करना और खुद को ऐसे चैलेंजेज के लिए पुश करना जो दूसरों ने कभी सोचे ही न हों।

प्लानिंग भी होगी महत्वपूर्ण

सक्सेस के लिए एक ऐसा मास्टर प्लान बनाएं जो मार्केट की डिमांड के अनुसार आपकी यूनिक वैल्यू तैयार करने, आय अर्जित करने और ऐसी स्किल्स डेवलप करने में मददगार हो जो आपके लिए आसान हैं। सबसे पहले उन स्किल्स की पहचान करें जो मार्केट में डिमांड में हैं और मुश्किल से उपलब्ध हैं। अब इस पैमाने पर अपनी प्रतिस्पर्धी क्षमता और रुचियों को परखें। ऐसी स्किल्स को शॉर्टलिस्ट करें जो एक स्टैक में रखने पर न केवल आपकी वैल्यू बढ़ाएं बल्कि कम से कम पांच वर्ष के लिए आपके इंटरेस्ट को भी जिंदा रख सकें।

प्रोफेशनल की तरह सीखें

नई स्किल सीखने के लिए पढ़ें, काम करें या कोचिंग लें। शुरुआत में मुश्किल या फेलियर महसूस हो तो भी प्रैक्टिस जारी रखें। प्रैक्टिस के रूटीन को बदलते रहें, एक्सपर्ट से सीखें और माइलस्टोन को टार्गेट करें। कोई भी नई स्किल जब सीख लें तो उसे अपनी मौजूदा स्किल्स के स्टैक में शामिल करें। यही आपका यूनिक स्टैक होगा जो आपको दूसरों से अलग बनाने साथ ही साथ कॉम्पिटेंट बनाने में भी काम आएगा और आप निश्चित ही सफलता को छू सकेंगे।

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