आधुनिक शिक्षा प्रणाली के साथ छात्रों को प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में माहिर बनाता जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट


दैनिक भास्कर

Apr 29, 2020, 01:08 PM IST

पूरी दुनिया में चौथी औद्योगिक क्रांति का प्रभाव महसूस किया जा रहा है। फोर्ब्स मैग्जीन द्वारा प्रकाशित भविष्य प्रोफेशनल्स के लिए आवश्यक स्किल्स की सूची में टेक्नोलॉजी स्किल, क्रिएटिविटी और ग्लोबल प्रोफेशनल बनने को काफी ऊपर स्थान दिया गया है। ग्लोबल प्रोफेशनल्स के लिए नए जमाने के स्किल्स के महत्व को रेखांकित करने के लिए जरूरी है कि बी-स्कूल इसे अपने पाठ्यक्रम में शामिल करें। 

भविष्य के ट्रेंड के साथ कदम मिलाते हुए, जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के निदेशक डॉ. प्रभात पंकज का दृढ़ता से मानना ​​है कि क्लासरूम से परे जाकर सीखना और वास्तविक जीवन के अनुभवों को आत्मसात करना आवश्यक है। इस रणनीति को जयपुरिया जयपुर ने अनुभव से सीखने, करके सीखने और क्लासरूम से परे जाकर सीखने के माध्यम से बहुत पहले ही अपना लिया था। डॉ. पंकज बताते हैं कि PGDM कार्यक्रम में दो प्रमुख बदलाव किए गए हैं। पहला पढ़ाने के तरीकों में प्रमुख बदलावों के साथ सीखने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। दूसरा टेक्नोलॉजी के साथ नए जमाने के इलेक्टिव और सर्टिफिकेट कोर्स को मिश्रित किया गया है।

डबल स्पेशलाइजेशन के विकल्प के साथ, जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट छात्रों को अपना भविष्य संवारने के लिए सक्षम बनाता है। मशीन लर्निंग, एनालिटिक्स और इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स से संबंधित नए जमाने के ओपन इलेक्टिव उन्हें प्रतिस्पर्धा में बढ़त देते हैं। जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट आगे हेल्थ मैनेजमेंट, और फैमिली बिजनेस मैनेजमेंट को इलेक्टिव्स की सूची में जोड़ने जा रहा है। “ये न केवल जीडीपी में योगदान के मामले में तेजी से बढ़ते क्षेत्र हैं, बल्कि एक नया व्यवसाय शुरू करने के दृष्टिकोण से भी। रचनात्मक अर्थव्यवस्था का विस्तार हो रहा है और इलेक्टिव्स के भाग रूप में नए जमाने की सेवाओं को आत्मसात करने के लिए बी-स्कूलों पर बहुत अधिक फोकस रहेगा। हमेशा की तरह जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट समय से आगे रहेगा” उन्होंने दृढ़ता से घोषणा की। 

जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट AICTE से अनुमोदित 2 प्रबंधन पाठ्यक्रम और PGDM (सर्विस मैनेजमेंट) प्रदान करता है। 

डॉ. पंकज ने बताया कि जयपुरिया, जयपुर हैप्पीनेस एंड वेलबीइंग, इकोनॉमिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया, अल्टरनेटिव कल्चरल शिफ्ट्स, कल्चर एंड सोसाइटी, मैनेजमेंट थॉट लीडर्स एंड पर्सपेक्टिव और फ्रेंच लैंग्वेज में लिबरल आर्ट्स के कोर्स भी पेश करता है। हैप्पीनेस एंड वैलबीइंग जयपुरिया, जयपुर की अनूठी पेशकश है क्योंकि इसमें हमारा अपना अनुसंधान और विशेषज्ञता भी शामिल है। संभवत:, हम इस भविष्य के पाठ्यक्रम को शुरू करने में अग्रणी हैं।

डॉ. पंकज हमें बताते हैं कि छात्रों की मांगों को ध्यान में रखते हुए, बी-स्कूल उन्हें BSE, KPMG, थॉमस असेसमेंट, IBM एनालिटिक्स, ट्रेकइन्वेस्ट, और ब्रिटिश स्टैंडर्ड इंस्टीट्यूट (BSI) द्वारा संचालित इंडस्ट्री-रन-सर्टिफिकेट कोर्स प्रदान कर रहा है।

ये कोर्स इलेक्टिव के समान ही लोकप्रिय हैं, और छात्रों के एम्पलॉयबिलिटी क्रेडेंशियल को बढ़ाने में मदद करते हैं। नए जमाने के इलेक्टिव और इंडस्ट्री-रन-सर्टिफिकेट कोर्स ने हमें शानदार प्लेसमेंट दिए हैं। हमारे छात्रों ने मूडीज एनालिटिक्स, प्रोटिविटी, S&P ग्लोबल जैसी कुछ शीर्ष कंसल्टिंग फर्मों को क्रैक किया है। “वह गर्व से कहते हैं। इन पाठ्यक्रमों की लोकप्रियता को देखते हुए हम कुछ ही समय में AI और मशीन लर्निंग कोर्स शुरू करेंगे। 

महामारी से पीड़ित दुनिया के बीच, स्नातक होने वाले छात्रों के लिए प्लेसमेंट एक बड़ी चिंता का विषय रहा है। फिर भी, इस साल अभी तक, 90% से अधिक छात्रों पहले से ही प्रतिष्ठित कंपनियों में प्लेसमेंट पा चुके हैं। इनमें कुछ रिसर्च एंड एडवाइजरी, मैनयुफेक्चरिंग, एफएमसीजी और रिटेल जैसे क्षेत्रों की प्रमुख राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियां शामिल हैं। 

हालांकि कोविड -19 के कारण प्लेसमेंट की प्रक्रिया बाधित हुई थी, लेकिन शेष छात्रों के लिए प्लेसमेंट ऑनलाइन इंटरव्यू के माध्यम से जारी है। इससे कई छात्रों को इस लॉक-डाउन अवधि के दौरान भी प्लेसमेंट में मदद मिली है। डॉ. पंकज और उनके बी स्कूल को बहुत गर्व है, क्योंकि यह समय की रफ्तार के साथ बना हुआ है, चौथी औद्योगिक क्रांति की तेजी से बढ़ती मांगों के साथ बदल रहा है, और देश के अन्य मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। वास्तव में जयपुरिया जयपुर में इन आउट ऑफ द बॉक्स इनिशिएटिव ने बार-बार साबित किया है कि यह देश के सर्वश्रेष्ठ बी-स्कूल में से एक है।

NBA और AIU की मान्यता के साथ ही NIRF (नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क) द्वारा वर्तमान में देश के शीर्ष 75 प्रबंधन संस्थानों में स्थान दिया जाना, इस तथ्य का प्रमाण है।

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